वसुबारस (गोवत्स द्वादशी) 2025: कहानी, महत्व, पूजा-विधि, वैज्ञानिक कारण और क्षेत्रानुसार परंपराएँ

1. प्रारंभिक कहानी: जब कृष्ण ने गाय को प्रणाम किया सूरज की हल्की सुनहरी किरणें गाँव के चारों ओर फैल रही थीं। छोटे कृष्ण ने अपने छोटे हाथों में गोबर की छोटी मूर्ति ली और उसे प्यार से छूकर प्रणाम किया। उसके सामने खड़ी गाय उसकी आँखों में मुस्कान लिए खड़ी थी। यही वह दिन … Read more

राम एकादशी व्रत कथा (Rama Ekadashi Vrat Katha)

राम एकादशी 2025 आ रही है! जानिए इस पवित्र दिन की कथा, व्रत विधि और महत्त्व। इस दिन व्रत रखने से पाप नष्ट होते हैं, पितृ तृप्त होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। राम एकादशी क्या है? कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को राम एकादशी कहा जाता है। इसे रंभा एकादशी … Read more

🪔 राम एकादशी 2025: व्रत तिथि, महत्व, कथा, पूजा-विधि और वैज्ञानिक रहस्य

📅 राम एकादशी 2025 कब है? एकादशी तिथि वार राम एकादशी 2025 20 अक्टूबर 2025 (सोमवार) कार्तिक कृष्ण पक्ष 👉 यह एकादशी दीपावली से ठीक पहले आती है — इसलिए इसे “धन और सौभाग्य देने वाली एकादशी” भी कहा जाता है। 🔱 इस एकादशी का आध्यात्मिक महत्व 🔱 राम एकादशी का महत्व 📖 राम एकादशी … Read more

अहोई अष्टमी संतान सुख और समृद्धि का पावन व्रत

✨ प्रस्तावना हिन्दू संस्कृति में व्रत और त्योहारों का विशेष स्थान है। हर व्रत किसी न किसी भाव से जुड़ा होता है—कहीं पति की लंबी आयु के लिए तो कहीं संतान की समृद्धि के लिए। इन्हीं महान और भावपूर्ण व्रतों में एक है — अहोई अष्टमी। यह व्रत मुख्य रूप से संतानवती माताओं द्वारा अपने … Read more

भुलाबाई: महाराष्ट्र की प्राचीन लोक परंपरा और दिवाली का माधुर्यपूर्ण गीत

भारत की सांस्कृतिक धरोहर केवल मंदिरों, त्योहारों और लोकनृत्यों तक सीमित नहीं, बल्कि लोकगीतों में भी छिपी हुई है। इन्हीं लोकगीतों में से एक है “भुलाबाई”, जो विशेष रूप से महाराष्ट्र के विदर्भ, खानदेश और मराठवाड़ा क्षेत्र में दिवाली के समय गाया जाता है। यह केवल एक गीत नहीं, बल्कि सामुदायिक एकता, आशीर्वाद और पारंपरिक … Read more

माँ महागौरी – नवरात्रि की अष्टमी की देवी | स्वरूप, कथा, पूजा विधि, मंत्र और महत्व

परिचय नवरात्रि का आठवाँ दिन समर्पित है माँ महागौरी को। यह स्वरूप देवी के सौंदर्य, शांति, पवित्रता और मोक्षदायिनी शक्ति का प्रतीक है। “महागौरी” नाम दो शब्दों से मिलकर बना है — ‘महान’ + ‘गौरी (अत्यंत श्वेत रूप वाली)’। इनका वर्ण बर्फ, चाँद और कुमुदिनी की तरह उज्ज्वल है। कहा जाता है कि जो व्यक्ति … Read more

माँ सिद्धिदात्री – नवरात्रि की नवमी की देवी | स्वरूप, कथा, पूजा विधि, मंत्र और महत्व

परिचय नवरात्रि का नौवाँ दिन समर्पित है माँ सिद्धिदात्री को। वे देवी दुर्गा का अंतिम और सबसे पूर्ण स्वरूप मानी जाती हैं। नाम के अनुसार: अर्थात जो अपने भक्तों को सभी सिद्धियाँ प्रदान करती हैं। वे न केवल भौतिक सफलता देती हैं बल्कि आध्यात्मिक उन्नति और मोक्ष की भी दात्री हैं। स्वरूप पौराणिक कथा शिव … Read more

माँ कालरात्रि – नवरात्रि की सप्तमी की अधिष्ठात्री देवी | स्वरूप, कथा, पूजा विधि, मंत्र और महत्व

⭐ परिचय नवरात्रि का सातवां दिन समर्पित है माँ कालरात्रि को, जिन्हें विश्व की सबसे प्रचंड और शक्तिशाली देवी माना जाता है। उनका नाम ही बताता है— अर्थात जो स्वयं मृत्यु और अंधकार का नाश कर दे — वही हैं कालरात्रि। यह देवी स्वरूप जितना भयंकर दिखता है, उतना ही कल्याणकारी और संरक्षक भी है।पुराणों … Read more

🌸 माँ कात्यायनी: नवरात्रि की छठी देवी 🌸

1. माँ कात्यायनी का परिचय नवरात्रि के छठे दिन की अधिष्ठात्री देवी हैं माँ कात्यायनी। इनका स्वरूप अत्यंत दिव्य और तेजस्वी है।माँ कात्यायनी को युद्ध की देवी माना जाता है, जो धर्म की रक्षा हेतु दुष्टों का संहार करती हैं। इन्हें महिषासुर मर्दिनी भी कहा जाता है, क्योंकि इन्होंने महिषासुर राक्षस का वध किया था। … Read more

🌸 माँ स्कंदमाता: नवरात्रि की पाँचवीं देवी का स्वरूप, कथा और पूजा महत्व 🌸

1. माँ स्कंदमाता का परिचय नवरात्रि के पाँचवे दिन की अधिष्ठात्री देवी माँ स्कंदमाता हैं। स्कंदमाता का अर्थ है – भगवान स्कंद (कार्तिकेय) की माता। वे देवी दुर्गा का स्वरूप हैं और अपने पुत्र कार्तिकेय को गोद में लेकर सिंह पर सवार रहती हैं। इस कारण उनका नाम “स्कंदमाता” पड़ा।माँ स्कंदमाता करुणा, ममता, त्याग और … Read more