चौघड़िया: शुभ-अशुभ समय जानने की प्राचीन विद्या

परिचय भारतीय संस्कृति में हर कार्य से पहले सही समय का चयन करना बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। विवाह, गृह प्रवेश, यात्रा, व्यवसाय या पूजा-पाठ – हर कार्य तभी सफल माना जाता है जब वह शुभ मुहूर्त में किया जाए। इसी शुभ-अशुभ समय को जानने के लिए पंचांग में कई विधियाँ बताई गई हैं, जिनमें … Read more

भद्रा क्या है? जानें भद्रा काल का रहस्य, पौराणिक कथा और 2025 का पूरा कैलेंडर

परिचय हिंदू धर्म में समय का महत्व अत्यधिक है। हर शुभ-अशुभ कार्य के लिए उचित मुहूर्त का चयन किया जाता है। इसी में एक महत्वपूर्ण समय है – भद्रा काल। पंचांग में जब विश्टि करण आता है, तब उस अवधि को भद्रा कहा जाता है। यह काल प्रायः अशुभ माना जाता है और इस दौरान … Read more

क्यों भगवान विष्णु समुद्र शयन करते हैं? क्षीरसागर का रहस्य

परिचय हिंदू धर्म की सबसे सुंदर और रहस्यमय प्रतिमाओं में से एक है — भगवान विष्णु का क्षीरसागर में शेषनाग पर शयन करना।चित्रों और मंदिरों में हमने यह दृश्य अनगिनत बार देखा होगा: पर क्यों भगवान विष्णु समुद्र में विश्राम करते हैं?दूध का महासागर ही क्यों चुना गया?शेषनाग का प्रतीक क्या है और इसका विज्ञान … Read more

कैलाश मानसरोवर का रंग बदलना – वैज्ञानिक कारण या दिव्य लीला?

प्रस्तावना: कैलाश मानसरोवर – धरती का सबसे पवित्र तीर्थ हिमालय की गोद में बसा कैलाश पर्वत और उसके समीप स्थित मानसरोवर झील न केवल हिंदू धर्म में, बल्कि बौद्ध, जैन और बोन धर्म में भी सर्वोच्च पवित्रता का प्रतीक हैं। मान्यता है कि यह स्थान स्वयं भगवान शिव का निवास स्थल है। यहाँ की झील, … Read more

क्षीरसागर का रहस्य क्या है?

भगवान विष्णु का क्षीरसागर (दूध का सागर) में शेषनाग पर शयन करना हिंदू धर्म के सबसे रहस्यमय और दिव्य प्रतीकों में से एक है। यह दृश्य हम अक्सर मंदिरों, चित्रों और पुराणों में देखते हैं — जिसमें भगवान विष्णु क्षीरसागर में शेषनाग की शैय्या पर विश्राम कर रहे होते हैं, उनके चरण दबाती हुई लक्ष्मी … Read more

हनुमान जी ब्रह्मचारी फिर भी विवाहित? सुवर्चला विवाह कथा, रहस्य और मंदिर मान्यता

प्रस्तावना: हनुमान जी और ब्रह्मचर्य की गाथा हनुमान जी का नाम लेते ही हमारे मन में एक अद्भुत शक्ति, अपार भक्ति और अमर बल का चित्र उभरता है। उन्हें न केवल रामभक्त माना जाता है, बल्कि अष्टसिद्धि और नव निधि के दाता के रूप में भी पूजनीय हैं। शास्त्रों में हनुमान जी का सबसे बड़ा … Read more

सर्वप्रथम गणेश जी की पूजा क्यों की जाती है?

परिचय भारतीय संस्कृति में जब भी कोई शुभ कार्य प्रारंभ होता है—चाहे वह विवाह हो, गृहप्रवेश, व्यवसाय की शुरुआत या किसी पूजा-पाठ का आयोजन—हमारे घरों में सबसे पहले “गणपति बप्पा मोरया” का जयकारा गूंजता है। यह परंपरा हजारों वर्षों से चली आ रही है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर क्यों हर शुभ … Read more

ब्रह्ममुहूर्त: दिव्यता, विज्ञान और जीवन में इसका महत्व

प्रस्तावना भारत की प्राचीन संस्कृति में हर क्रिया का गहरा आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व है। ऐसे ही एक अनमोल समयखंड का नाम है ब्रह्ममुहूर्त। यह वह क्षण है जब पूरा वातावरण शांत, शुद्ध और दिव्य ऊर्जा से भर जाता है। ऋषि-मुनियों से लेकर योगियों तक, सभी ने इस काल को साधना, ध्यान और अध्ययन के … Read more

सभी विनायक व संकष्टी चतुर्थी तिथियाँ: व्रत विधि, कथा और लाभ

भाग 1: प्रारंभिक भूमिका – चतुर्थी का महत्व “वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥” हिंदू संस्कृति में भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और सिद्धिदाता कहा गया है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत गणपति वंदना से होती है। ऐसे में गणेश जी की आराधना का सबसे पवित्र दिन माना जाता है – … Read more

प्रदोष काल: शिव भक्तों के लिए अद्भुत संध्या का रहस्य और महत्व

1. प्रस्तावना (Introduction) हिंदू धर्म में हर समय, हर तिथि और हर क्षण का अपना एक आध्यात्मिक महत्व है। ठीक उसी तरह, सूर्यास्त से कुछ समय पहले और उसके बाद का समय – जिसे प्रदोष काल कहा जाता है – विशेष रूप से भगवान शिव की आराधना के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है। यह वही … Read more