🔱 महाशिवरात्रि 2026: शिव और शक्ति के मिलन का महासत्य

🔱 भूमिका: क्यों खास है महाशिवरात्रि? महाशिवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आत्मा और परमात्मा के मिलन का प्रतीक है। यह वह रात्रि है जब शिव पूर्ण रूप से स्थिर, शांत और जाग्रत चेतना में स्थित होते हैं।शिव न किसी विशेष रूप में बंधे हैं, न किसी सीमा में—वह अनंत, निराकार और शून्य से भी … Read more

विजया एकादशी 2026: हर बाधा पर विजय दिलाने वाला पावन व्रत

भूमिका हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का अत्यंत विशेष महत्व है। वर्ष भर में आने वाली 24 एकादशियों में विजया एकादशी को विशेष रूप से विजय प्रदान करने वाली एकादशी माना गया है। यह व्रत केवल आध्यात्मिक उन्नति ही नहीं, बल्कि जीवन के हर संघर्ष में सफलता, शत्रुओं पर विजय और मानसिक शक्ति प्रदान करता … Read more

फरवरी 2026 संकट चतुर्थी: तिथि, महत्व, पूजा विधि, व्रत कथा और शक्तिशाली मंत्र

भूमिका हिंदू धर्म में भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहा गया है—जो जीवन के सभी संकटों, बाधाओं और नकारात्मकताओं को दूर करते हैं। जब जीवन में बार‑बार रुकावटें आने लगें, कार्य सिद्ध न हों, मानसिक तनाव बढ़ जाए, तब संकट चतुर्थी व्रत एक आध्यात्मिक सहारा बनता है। विशेष रूप से फरवरी 2026 की संकट चतुर्थी अत्यंत … Read more

“काला अष्टमी: तंत्र, साधना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण | Kala Ashtami Special Blog”

🕉️ काला अष्टमी क्या है? काला अष्टमी, जिसे काल भैरव अष्टमी कहा जाता है, भगवान शिव के उग्र और रक्षक रूप — भगवान काल भैरव को समर्पित पर्व है। यह हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी को आती है, लेकिन कार्तिक / मार्गशीर्ष मास की कृष्ण अष्टमी सबसे प्रमुख मानी जाती है। इसे महाकालाष्टमी या … Read more

✨ कार्तिक पूर्णिमा: दिव्य प्रकाश और पुण्य का पर्व

1️⃣ कार्तिक पूर्णिमा क्या है? हिंदू धर्म में कार्तिक महीना सबसे पवित्र माना जाता है।इसके अंतिम दिन आने वाली पूर्णिमा को “कार्तिक पूर्णिमा” कहा जाता है। यह पर्व इतना पवित्र माना गया है कि कहा गया है: “कार्तिक पूर्णिमा पर एक दिया जलाने मात्र से करोड़ों जन्मों का अंधकार मिट जाता है।” इस दिन पाँच … Read more

सोम प्रदोष व्रत — महत्व, कथा, विधि, वैज्ञानिक और आध्यात्मिक रहस्य

✨ Chapter 1: प्रदोष व्रत क्या है? (Introduction) संस्कृत में ‘प्र’ + ‘दोष’ मिलकर बना शब्द है — प्रदोष, जिसका अर्थ है: “संध्या के समय किया गया शुभ कार्य” यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है और हर महीने दो बार, शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर किया जाता है। … Read more

तुलसी विवाह क्यों मनाया जाता है?

🟢 परिचय: तुलसी विवाह क्या है? तुलसी विवाह एक अत्यंत पवित्र सनातन परंपरा है, जिसमें भगवान शालिग्राम (विष्णु स्वरूप) और तुलसी माता (वृंदा अवतार) का विवाह किया जाता है। यह विवाह देवउठनी एकादशी (कार्तिक शुक्ल एकादशी) को होता है। इस दिन से देवताओं का चार महीने का शयन समाप्त होता है और सभी शुभ कार्य, … Read more

देवउठनी एकादशी (प्रबोधिनी एकादशी)

— भगवान विष्णु के जागरण का दिव्य पर्व | तुलसी विवाह | शुभ कार्यों की शुरुआत 🛕 प्रस्तावना: देवउठनी एकादशी क्या है? देवउठनी एकादशी कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है। इसे प्रबोधिनी एकादशी / देव उठनी कहा जाता है क्योंकि इस दिन भगवान विष्णु चार महीने की योगनिद्रा से जागते हैं। चातुर्मास … Read more

🐄 गोपाष्टमी : पहली बार गाय चराने गए कृष्ण

कार्तिक शुक्ल अष्टमी — गौसेवा, भक्ति और संस्कार का पर्व ✨ परिचय सनातन संस्कृति में गाय केवल पशु नहीं, माँ मानी जाती है। गौमाता में 33 कोटि देवताओं का वास बताया गया है।और भगवान श्रीकृष्ण स्वयं कहते हैं— “गौओं और ब्राह्मणों का कल्याण ही मेरा धर्म है।” इसी गौ-सम्भार और गौसेवा का सबसे पवित्र दिन … Read more

गोपाष्टमी 30 अक्टूबर 2025 गुरुवार: गोमाता की सेवा, श्रीकृष्ण और गोचर का पवित्र पर्व

🌿 परिचय गोपाष्टमी हिन्दू धर्म का एक अत्यंत पवित्र पर्व है। यह पर्व कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण और बलराम ने पहली बार गोचर (गायों को चराने) का कार्य शुरू किया था।गोपाष्टमी का अर्थ है ‘गोप’ यानी गौवंश और ‘अष्टमी’ यानी आठवीं तिथि। यह पर्व … Read more