हनुमान जी ब्रह्मचारी फिर भी विवाहित? सुवर्चला विवाह कथा, रहस्य और मंदिर मान्यता

प्रस्तावना: हनुमान जी और ब्रह्मचर्य की गाथा हनुमान जी का नाम लेते ही हमारे मन में एक अद्भुत शक्ति, अपार भक्ति और अमर बल का चित्र उभरता है। उन्हें न केवल रामभक्त माना जाता है, बल्कि अष्टसिद्धि और नव निधि के दाता के रूप में भी पूजनीय हैं। शास्त्रों में हनुमान जी का सबसे बड़ा … Read more

सर्वप्रथम गणेश जी की पूजा क्यों की जाती है?

परिचय भारतीय संस्कृति में जब भी कोई शुभ कार्य प्रारंभ होता है—चाहे वह विवाह हो, गृहप्रवेश, व्यवसाय की शुरुआत या किसी पूजा-पाठ का आयोजन—हमारे घरों में सबसे पहले “गणपति बप्पा मोरया” का जयकारा गूंजता है। यह परंपरा हजारों वर्षों से चली आ रही है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर क्यों हर शुभ … Read more

ब्रह्ममुहूर्त: दिव्यता, विज्ञान और जीवन में इसका महत्व

प्रस्तावना भारत की प्राचीन संस्कृति में हर क्रिया का गहरा आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व है। ऐसे ही एक अनमोल समयखंड का नाम है ब्रह्ममुहूर्त। यह वह क्षण है जब पूरा वातावरण शांत, शुद्ध और दिव्य ऊर्जा से भर जाता है। ऋषि-मुनियों से लेकर योगियों तक, सभी ने इस काल को साधना, ध्यान और अध्ययन के … Read more

सभी विनायक व संकष्टी चतुर्थी तिथियाँ: व्रत विधि, कथा और लाभ

भाग 1: प्रारंभिक भूमिका – चतुर्थी का महत्व “वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥” हिंदू संस्कृति में भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और सिद्धिदाता कहा गया है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत गणपति वंदना से होती है। ऐसे में गणेश जी की आराधना का सबसे पवित्र दिन माना जाता है – … Read more

प्रदोष काल: शिव भक्तों के लिए अद्भुत संध्या का रहस्य और महत्व

1. प्रस्तावना (Introduction) हिंदू धर्म में हर समय, हर तिथि और हर क्षण का अपना एक आध्यात्मिक महत्व है। ठीक उसी तरह, सूर्यास्त से कुछ समय पहले और उसके बाद का समय – जिसे प्रदोष काल कहा जाता है – विशेष रूप से भगवान शिव की आराधना के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है। यह वही … Read more

सप्ताह में सात दिन ही क्यों होते हैं?

(धार्मिक, वैज्ञानिक और ऐतिहासिक दृष्टि से विश्लेषण) प्रस्तावना क्या आपने कभी सोचा है कि हमारे कैलेंडर में सप्ताह के केवल सात दिन ही क्यों होते हैं?क्यों न आठ, नौ या दस दिन?यह सवाल बचपन से ही दिमाग में घूमता रहा होगा लेकिन जवाब शायद ही किसी ने गहराई से खोजा हो। इस ब्लॉग में हम … Read more

अमावस्या व पोर्णिमा की एकादशी: कब आती है, क्यों होती है खास और कैसे करें पूजा?

एकादशी व्रत: महत्व, कथा, पूजा विधि और 24 एकादशियों का पूर्ण विवरण भूमिका: एकादशी व्रत क्यों है इतना विशेष? हिंदू धर्म में हर माह आने वाली एकादशी तिथि को अत्यंत पवित्र माना जाता है। यह तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है। मान्यता है कि एकादशी व्रत से समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं और … Read more

“गायत्री मंत्र की आवृत्ति और ब्रह्मांड का संबंध

गायत्री मंत्र और ब्रह्मांड के बीच का संबंध अत्यंत गहरा और अद्भुत माना जाता है। वैदिक ग्रंथों, आधुनिक विज्ञान और ध्वनि-तरंग सिद्धांतों के अनुसार गायत्री मंत्र की आवृत्ति (Frequency) न केवल मानव मस्तिष्क पर बल्कि पूरे ब्रह्मांडीय ऊर्जा-तंत्र पर भी प्रभाव डालती है। नीचे इसे विस्तार से समझते हैं: 1. गायत्री मंत्र का स्वरूप गायत्री … Read more

पुत्रदा एकादशी: संतान सुख देने वाली पावन तिथि का महत्व, कथा और व्रत-विधि

1. प्रस्तावना: पुत्रदा एकादशी का आध्यात्मिक महत्व सनातन धर्म में एकादशी व्रत का विशेष स्थान है। माना जाता है कि वर्ष भर में आने वाली 24 एकादशियों में से प्रत्येक का अपना अनूठा महत्व है, परंतु पुत्रदा एकादशी ऐसी एकादशी है जो विशेष रूप से संतान सुख की प्राप्ति और संतान के कल्याण के लिए … Read more

“कृष्ण-सुदामा और श्रापित चने की अनसुनी कथा – त्याग, भक्ति और सच्ची मित्रता का अद्भुत उदाहरण”

भूमिका भारतीय संस्कृति में मित्रता को पवित्र रिश्ता माना गया है। महाभारत और पुराणों में ऐसी कई कथाएँ हैं जो मित्रता की सच्चाई और भक्ति की महिमा को दर्शाती हैं। कृष्ण-सुदामा की कथा उनमें सबसे हृदयस्पर्शी और अमर मानी जाती है।लेकिन इस कथा का एक पहलू ऐसा भी है, जो कम लोगों को पता है … Read more