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📍 लमगांव का चमत्कारी हनुमान मंदिर – आस्था और चमत्कार की जीवंत गाथा
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में, अंबिकापुर के पास स्थित एक छोटा सा गांव है – लमगांव। यही वह पवित्र स्थान है जहां एक अद्भुत चमत्कार की कथा पीढ़ियों से सुनाई जाती रही है।
यह कहानी केवल एक मंदिर की नहीं, बल्कि अटूट आस्था, विश्वास और दिव्य संकेतों की कहानी है।
🌳 सपने में मिला दिव्य आदेश
कहते हैं कि लमगांव में एक साधारण किसान को लगातार सपने में हनुमान जी के दर्शन होने लगे।
सपने में हनुमान जी कहते –
“मैं इस पेड़ के अंदर फंसा हुआ हूं। किसी श्राप के कारण यहां बंधा हूं। मुझे बाहर निकालो।”
पहली बार किसान ने इसे सामान्य सपना समझकर अनदेखा कर दिया।
दूसरी बार भी ध्यान नहीं दिया।
लेकिन जब तीसरी और चौथी बार भी वही सपना आया और हर बार सपने में उसके घर से जंगल के उस खास पेड़ तक का पूरा रास्ता दिखाया गया, तब किसान को विश्वास हो गया कि यह कोई साधारण बात नहीं है।
🪓 कुल्हाड़ी और लोगों की भीड़
चौथे दिन किसान कुल्हाड़ी खरीदने बाजार पहुंचा। दुकानदार ने पूछा –
“तुम किसान हो, पर अचानक कुल्हाड़ी क्यों?”
किसान ने सपने की बात बता दी।
दुकानदार हंस पड़ा। बात पूरे गांव में फैल गई।
करीब 8–10 लोग किसान के साथ जंगल गए, यह देखने कि सच में क्या होता है।
🌲 पेड़ के अंदर से प्रकट हुई मूर्ति
सपने में बताए गए स्थान पर किसान ने पेड़ काटना शुरू किया।
उसे सपने में बताया गया था कि नीचे से मत काटना, ऊपर से काटना – क्योंकि मूर्ति नीचे फंसी है।
जैसे ही पेड़ को ठीक उसी स्थान से काटा गया –
अंदर से हनुमान जी की मूर्ति दिखाई दी।
सभी लोग स्तब्ध रह गए।
जो लोग मजाक उड़ाने गए थे, वे श्रद्धा से झुक गए।
यह घटना पूरे क्षेत्र में फैल गई।
🛕 मंदिर की स्थापना
जहां मूर्ति मिली, वहीं एक छोटा सा मंदिर बनाया गया।
धीरे-धीरे यह स्थान आस्था का केंद्र बन गया।
आज यह मंदिर अंबिकापुर के पास एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल के रूप में जाना जाता है।
📏 बढ़ती हुई मूर्ति – आज भी जारी है चमत्कार
इस मंदिर की सबसे अद्भुत बात है –
यह माना जाता है कि मूर्ति की ऊंचाई समय के साथ बढ़ रही है।
कहते हैं कि:
- मूर्ति हर साल बहुत थोड़ा-थोड़ा बढ़ती है।
- कुछ वर्षों में मंदिर की छत को तोड़कर ऊंचा करना पड़ा।
- ऊपर नया छत बनवाना पड़ा क्योंकि मूर्ति और बड़ी हो रही थी।
यह घटना श्रद्धालुओं के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं।
🔱 श्रद्धा और विश्वास का केंद्र
यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थान नहीं, बल्कि विश्वास का प्रतीक है।
लोग यहां:
- मनोकामना मांगने आते हैं
- संकट से मुक्ति की प्रार्थना करते हैं
- मंगलवार और शनिवार को विशेष पूजा होती है
भक्तों का विश्वास है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई प्रार्थना अवश्य पूर्ण होती है।
🌿 सरगुजा की आध्यात्मिक पहचान
छत्तीसगढ़ का सरगुजा जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक स्थलों के लिए प्रसिद्ध है।
यह चमत्कारी मंदिर उस आध्यात्मिक विरासत का हिस्सा है, जिसने स्थानीय लोगों के जीवन को गहराई से प्रभावित किया है।
❤️ बचपन की यादों से जुड़ी आस्था
आपका जन्म इसी क्षेत्र में हुआ और बचपन से यह कथा सुनते हुए बड़े होना, इस कहानी को और भी जीवंत बना देता है।
जब हम ऐसे स्थानों को केवल सुनते नहीं, बल्कि जाकर देखते भी हैं – तो विश्वास और भी मजबूत हो जाता है।
🙏 निष्कर्ष
लमगांव का हनुमान मंदिर केवल एक कथा नहीं, बल्कि जीवित आस्था का प्रमाण है।
एक किसान के सपने से शुरू हुई यह कहानी आज हजारों लोगों के विश्वास का आधार बन चुकी है।
पेड़ के अंदर से प्रकट हुई मूर्ति और उसका निरंतर बढ़ना – यह सब श्रद्धा और भक्ति की शक्ति को दर्शाता है।
अगर आप कभी सरगुजा, छत्तीसगढ़ जाएं, तो इस चमत्कारी मंदिर के दर्शन अवश्य करें।
❓FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
Q1. लमगांव हनुमान मंदिर कहां स्थित है?
यह मंदिर लमगांव गांव में स्थित है, जो अंबिकापुर, जिला सरगुजा, छत्तीसगढ़ के पास है।
Q2. इस मंदिर की विशेषता क्या है?
यहां हनुमान जी की मूर्ति पेड़ के अंदर से प्रकट हुई थी और माना जाता है कि उसकी ऊंचाई समय के साथ बढ़ रही है।
Q3. क्या यहां विशेष दिन पर पूजा होती है?
मंगलवार और शनिवार को विशेष पूजा और भीड़ रहती है।