🌸 माँ स्कंदमाता: नवरात्रि की पाँचवीं देवी का स्वरूप, कथा और पूजा महत्व 🌸

1. माँ स्कंदमाता का परिचय नवरात्रि के पाँचवे दिन की अधिष्ठात्री देवी माँ स्कंदमाता हैं। स्कंदमाता का अर्थ है – भगवान स्कंद (कार्तिकेय) की माता। वे देवी दुर्गा का स्वरूप हैं और अपने पुत्र कार्तिकेय को गोद में लेकर सिंह पर सवार रहती हैं। इस कारण उनका नाम “स्कंदमाता” पड़ा।माँ स्कंदमाता करुणा, ममता, त्याग और … Read more

🌸 माँ कूष्मांडा: नवरात्रि की चौथी शक्ति – ब्रह्मांड की सृष्टिकर्त्री

✨ परिचय नवरात्रि का चौथा दिन माँ कूष्मांडा को समर्पित है। देवी दुर्गा का यह रूप सृष्टि की उत्पत्ति से जुड़ा हुआ है। “कूष्मांडा” शब्द का अर्थ है – कु (थोड़ा), उष्मा (ऊर्जा/प्रकाश) और अंड (ब्रह्मांड/अंडाकार संरचना)।अर्थात् – थोड़ी सी मुस्कान से ही जिनसे पूरे ब्रह्मांड की उत्पत्ति हुई, वही हैं माँ कूष्मांडा। इन्हें अष्टभुजा … Read more

🌸 माँ चंद्रघंटा: नवरात्रि की तीसरी शक्ति – शांति, साहस और सौभाग्य की अधिष्ठात्री

✨ परिचय नवरात्रि के तीसरे दिन जिस देवी की पूजा की जाती है, वे हैं माँ चंद्रघंटा। देवी दुर्गा का यह तीसरा रूप अत्यंत ही करुणामयी और दिव्य स्वरूप वाला है। इनके मस्तक पर अर्धचंद्र के आकार की स्वर्णिम घंटा सुशोभित है, जिसके कारण इन्हें “चंद्रघंटा” कहा जाता है। माँ चंद्रघंटा की उपासना से साधक … Read more

जय आद्या शक्ति आरती

जय आद्या शक्ति आरती जय आद्या शक्ति,माँ जय आद्या शक्ति,अखंड ब्रह्माण्ड दीपाव्यांपडवे प्रगटतया माँॐ जयो जयो माँ जगदम्बे.. द्वितीय मेहस्वरूप, शिवशक्ति जाणुं,माँ शिवशक्ति जाणुं,ब्रह्मा गणपती गावोहरे गावो हर माँॐ जयो जयो माँ जगदम्बे.. तृतीया त्रण सरूप त्रिभुवनमां बेठा,माँ त्रिभुवनमां बेठा,दय थकी तरवेणीतमे तरवेणी माँॐ जयो जयो माँ जगदम्बे.. चोथे चतुरा महालक्ष्मी माँ सचराचरव्याप्या,माँ सचराचरव्याप्या,चार भुजा … Read more

🌸 माँ ब्रह्मचारिणी: नवरात्रि की दूसरी देवी की कथा, स्वरूप, पूजा विधि और महत्व

प्रस्तावना नवरात्रि का पर्व शक्ति की उपासना का महान अवसर है। इन नौ दिनों में माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। प्रत्येक देवी का स्वरूप एक विशेष शक्ति, गुण और जीवन-दर्शन का संदेश देता है।नवरात्रि के दूसरे दिन पूजित देवी हैं – माँ ब्रह्मचारिणी। उनका स्वरूप अत्यंत सरल, शांत और तपस्विनी … Read more

🌼 माँ शैलपुत्री: नवरात्रि की प्रथम देवी का महत्व, कथा, स्वरूप और पूजा विधि 🌼

✨ भूमिका नवरात्रि भारत का सबसे बड़ा और लोकप्रिय उत्सव है, जिसमें नौ दिनों तक माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना की जाती है। नवरात्रि की शुरुआत माँ शैलपुत्री की पूजा से होती है। ये माँ दुर्गा का प्रथम स्वरूप हैं, जिन्हें “पर्वतराज हिमालय की पुत्री” कहा जाता है। माँ शैलपुत्री की पूजा को … Read more

महालया अमावस्या 2025: महत्व, कथा, पूजा विधि और नवरात्रि से संबंध

1. परिचय (Introduction) हिंदू धर्म में अमावस्या की तिथियाँ विशेष महत्व रखती हैं। लेकिन महालया अमावस्या एक ऐसी अमावस्या है जो न केवल पितरों की शांति के लिए मानी जाती है, बल्कि यह नवरात्रि की शुरुआत का द्वार भी है। यह दिन पूरे भारत में पितृ तर्पण और श्राद्ध के लिए जाना जाता है।माना जाता … Read more

इंदिरा एकादशी 2025: पितृदोष निवारण और मोक्ष का अद्भुत अवसर

आज की तिथि: 17 सितंबर 2025पक्ष: कृष्ण पक्षमास: आश्विनवार: बुधवार इंदिरा एकादशी, जिसे पितृ एकादशी भी कहा जाता है, वह दिन है जब भक्त भगवान विष्णु की उपासना और व्रत करके अपने पितरों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना करते हैं। इस दिन किए गए धार्मिक कर्म और तर्पण से पितृदोष समाप्त होता … Read more

पितृ: महत्व, रहस्य, पितृपक्ष, श्राद्ध, तर्पण और पितृ दोष निवारण

भूमिका भारतीय संस्कृति में पितृ (पूर्वज/ancestors) को देवताओं के समान स्थान दिया गया है। वे हमारे अस्तित्व की नींव हैं, जिनके बिना न तो हमारा जन्म संभव है और न ही हमारा जीवन। शास्त्रों में कहा गया है—“पितृ देवो भव” अर्थात् पितरों को देवता समान मानो। हर वर्ष पितृपक्ष में श्राद्ध और तर्पण करके हम … Read more

गणपति का टूटा हुआ दाँत: “एकदंत” का रहस्य, पौराणिक कथाएँ और दार्शनिक संदेश

प्रस्तावना भगवान गणेश भारतीय संस्कृति और भक्ति परंपरा के सबसे प्रिय देवता हैं। हर शुभ कार्य की शुरुआत गणेश जी की पूजा से होती है। वे विघ्नहर्ता, संकटनाशक, बुद्धिदाता और सुखकर्ता के रूप में जाने जाते हैं। गणेश जी के स्वरूप का हर हिस्सा कोई न कोई गहरा संदेश देता है। लेकिन सबसे रहस्यमय है … Read more