🕉️ कुंभन दास जी की अद्भुत भक्ति: जब ठाकुर जी स्वयं बने दर्पण और ठुकरा दी करोड़ों की संपत्ति
🌼 प्रस्तावना: निष्किंचन भक्ति की पराकाष्ठा भक्ति के मार्ग में धन, वैभव, सत्ता और प्रतिष्ठा का कोई मूल्य नहीं होता। वहाँ केवल प्रेम चलता है — शुद्ध, निष्कलुष और निष्किंचन प्रेम। ऐसी ही प्रेममयी भक्ति का अद्भुत उदाहरण हैं कुंभन दास, जो पुष्टिमार्ग के अष्टछाप कवियों में से एक माने जाते हैं और वल्लभाचार्य के … Read more