गुरु भक्ति की चरम सीमा — जब भगवान सामने खड़े थे, फिर भी शिष्य चुप रहा

गुरु भक्ति की ऐसी मिसाल नहीं मिलेगी: भगवान सामने थे, फिर भी शिष्य ने कुछ नहीं मांगा 🌅 शुरुआत — एक सरल प्रश्न वृंदावन की पवित्र भूमि… एक शिष्य अपने गुरु के चरणों में बैठा था। उसने पूछा: “गुरुदेव… अब मैं क्या करूं?” गुरु ने शांत स्वर में कहा: 👉 “भांडीरवन जाओ…और युगल नाम का … Read more

ईश्वरदास जी की अद्भुत भक्ति कथा: जब भगवान स्वयं खिचड़ी बनाने आए

प्रस्तावना: भक्ति का वह स्वरूप जो भगवान को विवश कर दे भारतीय संत परंपरा में अनेक ऐसी कथाएँ मिलती हैं जहाँ सच्ची भक्ति ने स्वयं भगवान को भक्त के द्वार पर आने के लिए विवश कर दिया। जैसे सुदामा की कथा में मित्रता और भक्ति ने श्रीकृष्ण को दौड़कर गले लगाने को प्रेरित किया, वैसे … Read more