गुरु भक्ति की चरम सीमा — जब भगवान सामने खड़े थे, फिर भी शिष्य चुप रहा
गुरु भक्ति की ऐसी मिसाल नहीं मिलेगी: भगवान सामने थे, फिर भी शिष्य ने कुछ नहीं मांगा 🌅 शुरुआत — एक सरल प्रश्न वृंदावन की पवित्र भूमि… एक शिष्य अपने गुरु के चरणों में बैठा था। उसने पूछा: “गुरुदेव… अब मैं क्या करूं?” गुरु ने शांत स्वर में कहा: 👉 “भांडीरवन जाओ…और युगल नाम का … Read more