कैसी थी सुदामा जी की निष्काम भक्ति? – मित्रता, दरिद्रता और दिव्य प्रेम की अद्भुत कथा

प्रस्तावना भक्ति के अनेक रूप हैं—साकाम, निष्काम, सगुण, निर्गुण। परंतु यदि निष्काम भक्ति का जीवंत उदाहरण देखना हो, तो वह हैं सुदामा जी।एक ओर जगत के स्वामी, त्रिभुवन नायक, लक्ष्मीपति श्रीकृष्ण…और दूसरी ओर फूस की झोपड़ी में रहने वाले, फटे वस्त्रों में जीवन बिताने वाले, भूख से पीड़ित ब्राह्मण—सुदामा। फिर भी प्रेम में कौन धनी? … Read more

पंढरपुर की सच्ची घटना: चोखा मेला और ठाकुर जी के केले – भक्ति, समानता और सच्चे प्रेम की कथा

पंढरपुर की सच्ची घटना: चोखा मेला और ठाकुर जी के केले भारत की संत परंपरा में अनेक ऐसी कथाएँ मिलती हैं जो यह सिद्ध करती हैं कि भगवान के लिए जाति, ऊँच-नीच या सामाजिक स्थिति का कोई महत्व नहीं होता। भगवान केवल भाव देखते हैं। ऐसी ही एक अत्यंत मार्मिक और चमत्कारिक घटना जुड़ी है … Read more