🪔 वृंदावन के महात्मा का अद्भुत संदेश: “दक्षिणा नहीं, मुझे राधा नाम चाहिए”

🌸 प्रस्तावना: जहां धन नहीं, नाम है असली दक्षिणा धरा पर कई संत हुए, जिन्होंने संसार को त्याग, भक्ति और सेवा का मार्ग दिखाया। लेकिन आज के कलियुग में भी यदि कोई संत धन से अधिक “नाम” को महत्व दे — तो यह अपने आप में एक चमत्कार है। उत्तर प्रदेश के पावन धाम वृंदावन … Read more

ईश्वरदास जी की अद्भुत भक्ति कथा: जब भगवान स्वयं खिचड़ी बनाने आए

प्रस्तावना: भक्ति का वह स्वरूप जो भगवान को विवश कर दे भारतीय संत परंपरा में अनेक ऐसी कथाएँ मिलती हैं जहाँ सच्ची भक्ति ने स्वयं भगवान को भक्त के द्वार पर आने के लिए विवश कर दिया। जैसे सुदामा की कथा में मित्रता और भक्ति ने श्रीकृष्ण को दौड़कर गले लगाने को प्रेरित किया, वैसे … Read more