पंढरपुर की सच्ची घटना: चोखा मेला और ठाकुर जी के केले – भक्ति, समानता और सच्चे प्रेम की कथा

पंढरपुर की सच्ची घटना: चोखा मेला और ठाकुर जी के केले भारत की संत परंपरा में अनेक ऐसी कथाएँ मिलती हैं जो यह सिद्ध करती हैं कि भगवान के लिए जाति, ऊँच-नीच या सामाजिक स्थिति का कोई महत्व नहीं होता। भगवान केवल भाव देखते हैं। ऐसी ही एक अत्यंत मार्मिक और चमत्कारिक घटना जुड़ी है … Read more

अकबरऔर बिहारी दास महाराज: अटूट भक्ति का अद्भुत प्रसंग

अकबर का फरमान और एक भक्त की अटूट आस्था भारतीय इतिहास में अकबर को एक शक्तिशाली मुगल सम्राट के रूप में जाना जाता है। उनके शासनकाल में कई नियम और फरमान जारी होते थे, जिनका पालन करना प्रजा के लिए अनिवार्य था। इसी कालखंड में एक ऐसा प्रसंग सामने आया जिसने भक्ति, साहस और विश्वास … Read more

🪔 वृंदावन के महात्मा का अद्भुत संदेश: “दक्षिणा नहीं, मुझे राधा नाम चाहिए”

🌸 प्रस्तावना: जहां धन नहीं, नाम है असली दक्षिणा धरा पर कई संत हुए, जिन्होंने संसार को त्याग, भक्ति और सेवा का मार्ग दिखाया। लेकिन आज के कलियुग में भी यदि कोई संत धन से अधिक “नाम” को महत्व दे — तो यह अपने आप में एक चमत्कार है। उत्तर प्रदेश के पावन धाम वृंदावन … Read more