भूत-प्रेत सच हैं या भ्रम? क्या हनुमान चालीसा पढ़ने से भूत-पिशाच भाग जाते हैं?

प्रस्तावना भारत की सनातन परंपरा में भूत-प्रेत, पिशाच और अदृश्य शक्तियों का उल्लेख शास्त्रों, पुराणों और संतों की वाणी में मिलता है। इसी संदर्भ में गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित हनुमान चालीसा की प्रसिद्ध चौपाई —“भूत पिशाच निकट नहीं आवे, महावीर जब नाम सुनावे”— आज भी करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए आस्था का आधार है। लेकिन प्रश्न … Read more

तुलसीदास जी और हनुमान चालीसा का अद्भुत रहस्य: क्यों “जय सियाराम” से प्रसन्न होते हैं हनुमान जी?

प्रस्तावना भक्ति के मार्ग में एक अद्भुत कथा प्रचलित है कि जब गोस्वामी तुलसीदास जी हनुमान चालीसा लिखना चाहते थे, तब स्वयं हनुमान उन्हें लिखने नहीं दे रहे थे। कारण क्या था? क्या हनुमान जी अपनी प्रशंसा से असहज होते हैं? और क्यों “जय सियाराम” कहने मात्र से वे तुरंत प्रसन्न हो जाते हैं? यह … Read more

हनुमान जी चिरंजीवी क्यों हैं? वरदान, रामायण से महाभारत तक उनका दिव्य पर्पस

हनुमान जी केवल रामभक्त ही नहीं, बल्कि सनातन धर्म के शाश्वत रक्षक भी हैं। उनका जीवन एक ही उद्देश्य तक सीमित नहीं है।वे शिवांश हैं, वायुपुत्र हैं, रामदूत हैं, और सात चिरंजीवियों में से एक हैं। इस लेख में हम जानेंगे: 1. क्या हनुमान जी जन्म से चिरंजीवी थे? हनुमान जी को “पैदाइशी चिरंजीवी” नहीं … Read more