तुलसीदास जी और हनुमान चालीसा का अद्भुत रहस्य: क्यों “जय सियाराम” से प्रसन्न होते हैं हनुमान जी?

प्रस्तावना भक्ति के मार्ग में एक अद्भुत कथा प्रचलित है कि जब गोस्वामी तुलसीदास जी हनुमान चालीसा लिखना चाहते थे, तब स्वयं हनुमान उन्हें लिखने नहीं दे रहे थे। कारण क्या था? क्या हनुमान जी अपनी प्रशंसा से असहज होते हैं? और क्यों “जय सियाराम” कहने मात्र से वे तुरंत प्रसन्न हो जाते हैं? यह … Read more

🔱 युगों का रहस्य: डमरू, इन्फिनिटी और सतयुग की वापसी का दिव्य विज्ञान

क्या आपने कभी अपनी उंगली से डमरू का आकार बनाया है?ज़रा कल्पना कीजिए – सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग और कलियुग… और फिर वापस सतयुग। यह जो चक्र बनता है, वह बिल्कुल डमरू जैसा दिखाई देता है। और यदि आप उसी आकृति पर तेज़ी से पेन चलाएँ, तो उसके कोने गोल होते जाते हैं और अंत में … Read more

अकबरऔर बिहारी दास महाराज: अटूट भक्ति का अद्भुत प्रसंग

अकबर का फरमान और एक भक्त की अटूट आस्था भारतीय इतिहास में अकबर को एक शक्तिशाली मुगल सम्राट के रूप में जाना जाता है। उनके शासनकाल में कई नियम और फरमान जारी होते थे, जिनका पालन करना प्रजा के लिए अनिवार्य था। इसी कालखंड में एक ऐसा प्रसंग सामने आया जिसने भक्ति, साहस और विश्वास … Read more

इंदिरा एकादशी 2025: पितृदोष निवारण और मोक्ष का अद्भुत अवसर

आज की तिथि: 17 सितंबर 2025पक्ष: कृष्ण पक्षमास: आश्विनवार: बुधवार इंदिरा एकादशी, जिसे पितृ एकादशी भी कहा जाता है, वह दिन है जब भक्त भगवान विष्णु की उपासना और व्रत करके अपने पितरों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना करते हैं। इस दिन किए गए धार्मिक कर्म और तर्पण से पितृदोष समाप्त होता … Read more