महालया अमावस्या 2025: महत्व, कथा, पूजा विधि और नवरात्रि से संबंध

1. परिचय (Introduction) हिंदू धर्म में अमावस्या की तिथियाँ विशेष महत्व रखती हैं। लेकिन महालया अमावस्या एक ऐसी अमावस्या है जो न केवल पितरों की शांति के लिए मानी जाती है, बल्कि यह नवरात्रि की शुरुआत का द्वार भी है। यह दिन पूरे भारत में पितृ तर्पण और श्राद्ध के लिए जाना जाता है।माना जाता … Read more

इंदिरा एकादशी 2025: पितृदोष निवारण और मोक्ष का अद्भुत अवसर

आज की तिथि: 17 सितंबर 2025पक्ष: कृष्ण पक्षमास: आश्विनवार: बुधवार इंदिरा एकादशी, जिसे पितृ एकादशी भी कहा जाता है, वह दिन है जब भक्त भगवान विष्णु की उपासना और व्रत करके अपने पितरों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना करते हैं। इस दिन किए गए धार्मिक कर्म और तर्पण से पितृदोष समाप्त होता … Read more

पितृ: महत्व, रहस्य, पितृपक्ष, श्राद्ध, तर्पण और पितृ दोष निवारण

भूमिका भारतीय संस्कृति में पितृ (पूर्वज/ancestors) को देवताओं के समान स्थान दिया गया है। वे हमारे अस्तित्व की नींव हैं, जिनके बिना न तो हमारा जन्म संभव है और न ही हमारा जीवन। शास्त्रों में कहा गया है—“पितृ देवो भव” अर्थात् पितरों को देवता समान मानो। हर वर्ष पितृपक्ष में श्राद्ध और तर्पण करके हम … Read more

गणपति का टूटा हुआ दाँत: “एकदंत” का रहस्य, पौराणिक कथाएँ और दार्शनिक संदेश

प्रस्तावना भगवान गणेश भारतीय संस्कृति और भक्ति परंपरा के सबसे प्रिय देवता हैं। हर शुभ कार्य की शुरुआत गणेश जी की पूजा से होती है। वे विघ्नहर्ता, संकटनाशक, बुद्धिदाता और सुखकर्ता के रूप में जाने जाते हैं। गणेश जी के स्वरूप का हर हिस्सा कोई न कोई गहरा संदेश देता है। लेकिन सबसे रहस्यमय है … Read more

ब्रह्मास्त्र : सृष्टि का सबसे शक्तिशाली अस्त्र – रहस्य, इतिहास और प्रयोग

प्रस्तावना हिंदू धर्म के महाकाव्यों और पुराणों में वर्णित ब्रह्मास्त्र केवल एक अस्त्र नहीं, बल्कि स्वयं ब्रह्मा की दिव्य शक्ति का प्रतीक है। इसे ऐसा अस्त्र कहा गया है जिसे केवल वही प्राप्त कर सकता था जो अत्यंत तपस्वी, संयमी और मंत्र-सिद्ध हो। ब्रह्मास्त्र के सामने कोई अस्त्र टिक नहीं सकता था और इसका प्रयोग … Read more

द्वारका नगरी का जलमग्न रहस्य – समुद्र के भीतर का कृष्ण लोक

भारत की प्राचीन सभ्यताओं में से एक है द्वारका नगरी, जिसे भगवान श्रीकृष्ण ने बसाया था। यह नगरी केवल एक ऐतिहासिक स्थल नहीं बल्कि आस्था, विज्ञान और रहस्य का अद्भुत संगम है। पुराणों और महाभारत के अनुसार, जब श्रीकृष्ण ने पृथ्वी पर अपनी लीलाओं को पूर्ण किया तो समुद्र ने इस दिव्य नगरी को अपने … Read more

ऋषि वेदव्यास : महाभारत और वेद विभाजन के अमर ऋषि

प्रस्तावना भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म में अनेकों ऋषि-मुनियों ने ज्ञान और धर्म की रक्षा में अपना योगदान दिया है, लेकिन उनमें से महर्षि वेदव्यास का स्थान सबसे ऊँचा माना जाता है। उन्हें कृष्ण द्वैपायन व्यास और व्यासदेव भी कहा जाता है। उन्होंने ही वेदों का विभाजन किया, महाभारत जैसी अमर रचना की और 18 … Read more

ऋषि वेदव्यास : वेदों के संकलनकर्ता और चिरंजीवी महर्षि

प्रस्तावना भारतीय सनातन परंपरा में यदि किसी ऋषि को ज्ञान और ग्रंथकारिता का प्रतीक माना जाए तो वे हैं महर्षि वेदव्यास( ऋषि वेदव्यास )। इन्हें कृष्ण द्वैपायन व्यास, व्यासदेव और वेदव्यास नामों से भी जाना जाता है।इन्हीं के सम्मान में आषाढ़ पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है। जन्म कथा ऋषि वेदव्यास का जन्म रहस्यमयी … Read more

मंत्र जाप से ब्रेन वेव्स में बदलाव – विज्ञान ने क्या खोजा?

परिचय हजारों वर्षों से भारतीय संस्कृति में मंत्र जाप को आध्यात्मिक साधना का सबसे शक्तिशाली माध्यम माना गया है। चाहे वह ‘ॐ’ का उच्चारण हो, गायत्री मंत्र हो या महामृत्युंजय मंत्र – यह माना जाता है कि इनके जप से मन शांत होता है, ऊर्जा बढ़ती है और मानसिक स्पष्टता आती है। लेकिन आज विज्ञान … Read more

जगन्नाथ पुरी के रथयात्रा के चमत्कार: जिन्हें विज्ञान आज तक नहीं समझ पाया

परिचय भारत के ओडिशा राज्य में स्थित जगन्नाथ पुरी मंदिर केवल एक धार्मिक धाम नहीं, बल्कि चार धामों में से एक है, जहाँ हर साल होने वाली रथयात्रा दुनिया का सबसे अद्भुत और चमत्कारी आयोजन मानी जाती है। लाखों श्रद्धालु जब भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के विशाल रथ खींचते हैं, तो वहाँ घटने वाले … Read more