जब भीष्म पितामह ने कृष्ण की प्रतिज्ञा तुड़वा दी — द्रौपदी को मिला अखंड सौभाग्यवती का आशीर्वाद

महाभारत का युद्ध केवल दो सेनाओं के बीच लड़ा गया युद्ध नहीं था। यह ऐसी दिव्य लीला थी, जिसमें एक-एक दिन के पीछे कोई न कोई रहस्य छिपा हुआ था। कौरवों की विशाल सेना थी। उनके पास बड़े-बड़े महारथी थे। दूसरी ओर पांडवों की सेना तुलनात्मक रूप से छोटी थी। लेकिन पांडवों के साथ स्वयं … Read more

जगन्नाथ रथयात्रा और भगवान कृष्ण की अद्भुत लीला

जगन्नाथ रथयात्रा केवल एक यात्रा नहीं, भगवान के भक्तों तक आने की लीला है भगवान को पाने के लिए मनुष्य मंदिरों में जाता है। लेकिन भगवान जगन्नाथ की भक्ति में एक ऐसा भाव दिखाई देता है, जहाँ भक्त ही नहीं, बल्कि भगवान स्वयं भक्तों के बीच आते हैं। जगन्नाथ रथयात्रा इसी भाव को अपने भीतर … Read more

भगवान कृष्ण की शरण में अर्जुन क्यों गए? महाभारत की अद्भुत कथा

महाभारत केवल एक युद्ध की कहानी नहीं है। यह मनुष्य, धर्म, कर्म, अहंकार, समर्पण और भगवान की शरण में जाने का ऐसा प्रसंग है, जिसमें जीवन के लिए अनेक गहरे संदेश छिपे हैं। महाभारत के युद्ध से पहले एक ऐसा समय आया जब दुर्योधन और अर्जुन दोनों भगवान श्रीकृष्ण के पास पहुंचे। दोनों का उद्देश्य … Read more

क्या कर्ण महाभारत का सबसे बड़ा अंडररेटेड हीरो था? क्या श्रीकृष्ण ने सच में “धोखे” से कर्ण का वध कराया?

महाभारत के पात्रों में यदि किसी के साथ सबसे अधिक भावनात्मक न्याय नहीं हुआ, तो वह हैं कर्ण। एक ओर दानवीर, महायोद्धा, वचन का पक्का, मित्र के लिए प्राण देने वाला; दूसरी ओर “अधर्मी” की संज्ञा से घिरा हुआ। क्या कर्ण सच में अंडररेटेड हीरो थे? और क्या श्रीकृष्ण ने उन्हें धोखे से मरवाया? आइए, … Read more

ब्रह्मास्त्र : सृष्टि का सबसे शक्तिशाली अस्त्र – रहस्य, इतिहास और प्रयोग

प्रस्तावना हिंदू धर्म के महाकाव्यों और पुराणों में वर्णित ब्रह्मास्त्र केवल एक अस्त्र नहीं, बल्कि स्वयं ब्रह्मा की दिव्य शक्ति का प्रतीक है। इसे ऐसा अस्त्र कहा गया है जिसे केवल वही प्राप्त कर सकता था जो अत्यंत तपस्वी, संयमी और मंत्र-सिद्ध हो। ब्रह्मास्त्र के सामने कोई अस्त्र टिक नहीं सकता था और इसका प्रयोग … Read more