कैसी थी सुदामा जी की निष्काम भक्ति? – मित्रता, दरिद्रता और दिव्य प्रेम की अद्भुत कथा

प्रस्तावना भक्ति के अनेक रूप हैं—साकाम, निष्काम, सगुण, निर्गुण। परंतु यदि निष्काम भक्ति का जीवंत उदाहरण देखना हो, तो वह हैं सुदामा जी।एक ओर जगत के स्वामी, त्रिभुवन नायक, लक्ष्मीपति श्रीकृष्ण…और दूसरी ओर फूस की झोपड़ी में रहने वाले, फटे वस्त्रों में जीवन बिताने वाले, भूख से पीड़ित ब्राह्मण—सुदामा। फिर भी प्रेम में कौन धनी? … Read more

क्या कर्ण महाभारत का सबसे बड़ा अंडररेटेड हीरो था? क्या श्रीकृष्ण ने सच में “धोखे” से कर्ण का वध कराया?

महाभारत के पात्रों में यदि किसी के साथ सबसे अधिक भावनात्मक न्याय नहीं हुआ, तो वह हैं कर्ण। एक ओर दानवीर, महायोद्धा, वचन का पक्का, मित्र के लिए प्राण देने वाला; दूसरी ओर “अधर्मी” की संज्ञा से घिरा हुआ। क्या कर्ण सच में अंडररेटेड हीरो थे? और क्या श्रीकृष्ण ने उन्हें धोखे से मरवाया? आइए, … Read more

🕉️ कथा का सार – संत माधवदास और भगवान की लीला

यह कथा ब्रजभूमि की है — वही पावन भूमि जहाँ हर कण में श्रीकृष्ण बसते हैं। ब्रज में एक संत थे — माधवदास।कलियुग की घटना है, लेकिन उनकी भक्ति सतयुग जैसी निर्मल थी। वे सारा दिन कुंज-गलियों में, लताओं के बीच, “श्याम-श्याम” जपते रहते।उन्हें हर संत में, हर जीव में, हर कण में कृष्ण ही … Read more

गोपाष्टमी 30 अक्टूबर 2025 गुरुवार: गोमाता की सेवा, श्रीकृष्ण और गोचर का पवित्र पर्व

🌿 परिचय गोपाष्टमी हिन्दू धर्म का एक अत्यंत पवित्र पर्व है। यह पर्व कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण और बलराम ने पहली बार गोचर (गायों को चराने) का कार्य शुरू किया था।गोपाष्टमी का अर्थ है ‘गोप’ यानी गौवंश और ‘अष्टमी’ यानी आठवीं तिथि। यह पर्व … Read more